Funny Jokes For Kids #001 - #050 | pati patni | knock knock jokes | sharechat jokes | funny kids jokes


Funny Jokes For Kids  # 001


एक आदमी की मौत हो गई और उसे अपने कर्मों के कारण नर्क की प्राप्ति हुई. उसने वहां जाकर देखा कि हर देश के लिए अलग-अलग नर्क है.
वह अमरीकन नर्क में गया और पूछा कि यहाँ आत्माओं को किस तरह पीड़ा दी जाती है. उसे बताया गया - पहले तो वे आपको बिजली की कुर्सी पर एक घंटा बैठाकर करंट लगाते हैं. फिर आपको तीखे कीलों वाले बिस्तर पर नंगे बदन घंटे भर सुलाते हैं. फिर अमरीकन राक्षस आता है जो दिनभर आपको चाबुक से कोड़े लगाता है.


उस आदमी को यह सारा सिलसिला पसंद नहीं आया और वह आगे बढ़ गया. उसने आगे जाकर जर्मनीजापानीआस्ट्रेलियाई इत्यादि तमाम देशों के नर्क देख डाले. सभी में जैसी सज़ा अमरीकन नर्क में दी जाती थी लगभग उसी किस्म की सज़ा नर्क में आने वाली सभी आत्माओं को दी जाती थी. हाँ, धरती पर किए पापों की गंभीरता के आधार पर समय में कुछ कमी-बेसी जरूर हो जाती थी..
घूमते घूमते वह आखीर में भारतीय नर्क में पहुँचा. वहां उसने देखा कि नर्क में प्रवेश के लिए आत्माओं की हजारों मील लंबी लाइन लगी है. आश्चर्य चकित होता हुआ उसने पूछा कि यहाँ किस क्रिस्म की सज़ा आत्माओं को दी जाती है जिसके कारण इतनी लंबी लाइन लगी है? उसे बताया गया कि - पहले तो वे आपको बिजली की कुर्सी पर एक घंटा बैठाकर करंट लगाते हैं. फिर आपको तीखे कीलों वाले बिस्तर पर नंगे बदन घंटे भर सुलाते हैं. फिर भारतीय राक्षस आता है जो दिनभर आपको चाबुक के कोड़े लगाता है.

उसे और ज्यादा आश्चर्च हुआ. उसने फिर पूछा – पर ऐसी ही सज़ा तो अमरीकन और तमाम अन्य देशों के नर्कों में भी है. वहाँ तो अंदर जाने वालों की ऐसी भीड़ नहीं दिखी.

किसी ने उसकी जिज्ञासा शांत की - चूंकि यहाँ भीड़ के कारण बदहाली है, मेंटेनेंस बहुत घटिया है, बिजली आती नहीं अतः बिजली की कुर्सी काम नहीं करती, बिस्तर से कीलों को लोग चोरी कर ले जा चुके हैं और कोड़े लगाने वाले भारतीय राक्षस, भारतीय शासकीय सेवा में रह चुके हैं जो आते तो हैं, परंतु हाजिरी रजिस्टर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर कैंटीन चले जाते हैं....
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Funny Jokes For Kids  # 002

दैवीय चिह्न

एक पुजारी और एक पादरी की कारें आपस में भिड़ गईं, और जरा जोरदार से भिड़ीं. दोनों ही कारें बुरी तरह से टूटफूट गईं, परंतु उतने ही आश्चर्यजनक रूप से न तो पुजारी और न पादरी को कोई खास चोटें आईं.
जब वे दोनों अपनी अपनी कारों से बाहर निकले तो पुजारी ने पादरी के लिबास को देखा और कहा – तो तुम पादरी हो! वाह! मैं भी पुजारी हूं. हमारी कारें कैसी टूटफूट गईं हैं, परंतु सौभाग्य से हमें कोई खास चोटें नहीं पहुँची. यह ईश्वर की बड़ी कृपा है और उसका यह संदेश हम दोनों के लिए है कि हम आपस में दोस्त बन जाएँ और बाकी की जिंदगी प्यार और शांति से दोस्त के रूप में साथ-साथ गुजारें.

पादरी ने कहा – हाँ मैं तुम्हारी बातों से पूरी तरह सहमत हूँ. यह तो ईश्वरीय इच्छा ही प्रतीत होती है.
पादरी ने आगे कहा - और जरा इसे देखो. एक और चमत्कार. मेरी कार पूरी तरह से बरबाद हो गई है परंतु यह ब्लैक लेबल व्हिस्की की बोतल पूरी तरह ठीक ठाक है. इसमें एक खरोंच भी नहीं आई है. अवश्य ही ईश्वर चाहता है कि हम अपनी इस नई दोस्ती का जश्न व्हिस्की पीकर मनाएँ. फिर उसने बोतल खोली और पुजारी की ओर बढ़ाई.

पुजारी ने हाथ जोड़ लिए और कहा – राम! राम!! मैंने जिंदगी में कभी भी शाकाहार और दूध घी के अलावा कुछ नहीं खाया पिया. मेरा धर्म भ्रष्ट मत करो.
परंतु पादरी ने पुजारी को फिर समझाया - देखो यदि तुम ईश्वरीय संदेश को नहीं मानोगे तो भगवान को सचमुच अप्रसन्न कर दोगे.

आखिर में पुजारी को लगा कि सचमुच ईश्वर की कृपा से उसका पुनर्जन्म हुआ है और पादरी की बातों में दम है. उसने बोतल ली और शराब की एक चूंट भरी. उसका मुंह कड़वा हो गया. जैसे तैसे उसने पहला चूंट भरा और बोतल पादरी को वापस किया.

पादरी ने कहा – देखो तुमने चूँकि पहला छूट भरा है, इसलिए अब तुम इस बोतल का आधा हिस्सा प्रसाद के रूप में प्राप्त करो. बाकी का हिस्सा फिर मैं पी लूंगा.
प्रतिवाद करते हुए पुजारी ने दूसरा छूट भरा. तीसरा छूट भरते तक उसे आनंद आने लगा था. देखते ही देखते बोतल में सिर्फ दो चूँट शराब बाकी बची.

पुजारी नशे में बोला - अरे! मैंने सारा ही प्रसाद अकेले ले लिया. राम! राम!! ईश्वर तो बड़ा कुपित होगा. ये दो चूँट बचा है. इस प्रसाद को तो तुम भी अवश्य लो.
पादरी ने बोतल पुजारी के हाथों से ली और उसका ढक्कन बंद करते हुए बोला – हाँ, अभी लेता हूँ प्रसाद. जरा पुलिस को तो आ जाने दो.
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Funny Jokes For Kids  # 003

एक बार एक ग्रंथीमौलवी और पंडित फुरसत के लम्हों में गुफ्तगू कर रहे थे। चर्चा का विषय था कि ये लोग पूजा के दौरान मिली दक्षिणा किस तरह उपयोग करते हैं। विषय बड़ा नाजुक था। सवाल व्यक्तिगत आवश्यकताओं और पूजास्थल की देखभाल के बीच दक्षिणा के धन के सामंजस्य का था।

पुजारी बोले "भाई मैं तो दैनिक आरती के बाद पूजा का थाल बीच हाल में रख देता हूँ। भक्तजन अपने स्थान से दान दक्षिणा के सिक्के उछाल देते हैं। जितने थाली में गिरते हैं उतने मेरे दैनिक खर्च के लिये उपयोग हो जाते हैं , शेष प्रभु के भोग, श्रृंगार और मॅदिर के रखरखाव में।"

मौलवी जी का भी कमोबेश यही तरीका निकला। वे बोले " मैं भी नमाज के बाद अपनी चादर फैला देता हूँ। नमाजी खैरात उछालते हैं , अल्लाह के फजल से जितनी चादर मे गिरी वह इस बँदे की, बाकी अल्लाह के घर की साजोसँभाल में खर्च हो जाती है।"

ग्रंथी जी कसमसाये और तल्ख स्वर में बोले "तुम लोग ऊपरवाले की नेमत की इस तरह तौहीन करते हो, तभी तो लगता है कि महीनों से कुछ खाया ही नही।" मौलवी जी और पंडित दोनों चौके और पूछ बैठे " ग्रंथी जी , भला हम क्या गलत करते हैं। आप ही बताइयें आप चढ़ावे का क्या करते हैं?"

लेकिन दोनो की लाख मनौव्वल के बाद भी ग्रंथी जी ने अपनी सफेद चिकनी दाढ़ी पर हाथ फेर कर सिर्फ यही फर्माया कि " रूपया पैसा ऊपरवाला बख्शता है। उसे इस तरह उछलवा कर आप लोग ऊपर वाले की ही बेइज्जती करते हो। आप कल खुद ही गुरद्वारे आकर देख लेना कि चढ़ावे के सही इस्तेमाल का तरीका क्या है?"
अगले दिन तड़के मौलवी जी और पंडित दोनों गुरुद्वारे पहुँचे। पूजापाठ के बाद वे देखते क्या हैं कि ग्रंथी जी ने भक्तों को एक चादर पर तमीज से पैसे चढ़ाने को कहा। फिर पोटली बाँध कर आसमान में उछाल दी और चिल्लाये " वाहे गुरू, यह तेरी नेमत है, जितनी चाहे रख ले बाकी अपने इस बँदे को बख्श दे।" उधर पोटली वापस ग्रंथी जी के हाथो में वापस गिरी इधर मौलवी जी और पँडित दोनो गश खाकर जमीन पर।
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Funny Jokes For Kids  # 004

जिंदगी जीने के लिए

बॉलीवुड बॉम्ब के रुप में मशहूर एक अभिनेत्री ने अपने आपको घायल कर लिया. इलाज के लिए वह अपने प्लास्टिक सर्जन के पास पहुँची. सर्जन ने देखा कि अभनेत्री के हाथ में एक गोलाकार छेदनुमा घाव हो गया था जो प्रत्यक्षतः किसी आग्नेयास्त्र से चली गोली के कारण हुआ था.

डॉक्टर ने कहा कि इलाज तो वह कर देगा, परंतु, चूंकि यह पिस्तौल से चली गोली के कारण हुआ घाव है अतः ऐसे केसेस को वह पुलिस को रिपोर्ट अवश्य करेगा, - वह किसी लफड़े में फंसना नहीं चाहता.
अभिनेत्री ने डॉक्टर से निवेदन किया कि वह ऐसा बिलकुल नहीं करे नहीं तो उसका सारा कैरियर खतम हो जाएगा. वह बेमौत मर जाएगी.

डॉक्टर को थोड़ा तरस आया. उसने पूछा – पर आखिर हुआ क्या था? जब तक इस किस्से के बारे में मैं जान न लूं, मैं ऐसा कोई वादा नहीं कर सकता.

अभिनेत्री ने बताया – ठीक है, मैं आप पर भरोसा कर सकती हूं. दरअसल मैं आत्महत्या की कोशिश कर रही थी. सबसे पहले मैंने पिस्तौल की नाल मुँह में रखी. लिबलिबी दबाने जा ही रही थी कि विचार आया अरे, अभी तो हाल ही में मैंने अपने दाँतों में नए ब्रिज लगवाए हैं, हजारों खर्च कर रूट कैनाल ट्रीटमेंट करवाया है. उसे मैं खराब नहीं करना चाहती थी. फिर । मैंने पिस्तौल अपने माथे पर टिकाई. परंतु तुरंत याद आया कि अभी तो छः महीने भी नहीं हुए थे कि मैंने अपना फेस लिफ़्ट करवाया था और नोज़-जॉब करवाया था. यह तो बरबाद हो जाता. यह सोचकर मैंने पिस्तौल अपनी कनपटी पर टिकाई. परंतु फिर खयाल आया कि जब गोली चलेगी तो आवाज बहुत जोर की आएगी और मेरे कान के पर्दे फट सकते हैं. आखीर में मैंने अपने दिल पर पिस्तौल टिकाई. गोली चलाने ही वाली थी कि मेरे मँहगे, सुंदर सिलिकॉन इम्प्लांट याद आ गए. फिर मैं क्या करती, गोली मैंने अपने हाथ में ही मार ली.
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Funny Jokes For Kids  # 005

नैसर्गिक प्रक्रिया

एक आदमी नाई की दुकान पर दाढ़ी बनवाने गया. जब नाई उसके चेहरे पर ब्रुश से बढ़िया क्रीम से उतना ही बढ़िया झाग बना रहा था तो उस आदमी ने अपने चेहरे के पिचके गालों की ओर इशारा करते हुए बोला – मेरे गालों के इस गड्ढे के कारण दाढी बढ़िया नहीं बन पाती और कुछ बाल छूट जाते हैं.
कोई बात नहीं - नाई आगे बोला - मेरे पास इसका इलाज है. उसने पास के दराज में से लकड़ी की एक छोटी सी गोली निकाली और उसे देते हुए बोला – इसे अपने मुंह में मसूढों और गाल के बीच रख लो.
उस आदमी ने वह गोली मुँह में रख ली जिससे उसका गाल फूल गया और नाई ने उसकी अब तक की सबसे शानदार, सबसे बढ़िया दाढ़ी बनाई.
यदि यह गोली गलती से पेट में चली जाए तो? उस आदमी ने कठिनाई से बोलते हुए पूछा. गोली उसके मुँह में ही फंसी हुई थी.
कोई बात नहीं- नाई बोला- कल लेते आना. जैसे कि बहुत से लोग अब तक लेते आए हैं.
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Funny Jokes For Kids  # 006

चूंकि मैं एक पुरूष हूँ...

** चूंकि मैं एक पुरूष हूं, जब मैं अपनी कार की चाबी कार के अंदर भूल जाता हूँ तो मैं तुम्हारे इस सुझाव को कि हमें किसी सर्विस सेन्टर वाले को तत्काल बुला लेना चाहिए, अनदेखा करते हुए कपड़े सुखाने वाले हैंगर के तार से तब तक कार का दरवाजा खोलने की कोशिश करता रहूंगा जब तक कि दरवाजे का ताला खराब न हो जाए, या मैं ही पूरी तरह पस्त न हो जाऊँ.

** चूंकि मैं एक पुरुष हूं, जब मेरी कार ठीक से चालू नहीं होती है तो मैं उसका बोनट उठाकर उसके इंजिन में तांक झांक करता हूँ. इस बीच दूसरा पुरूष कहीं से प्रकट होता है
और वह भी कुछ तार वार छूकर देखता है. फिर हममें से एक, दूसरे से कहता है - मैं इन चीजों को आराम से ठीक कर लेता था. परंतु आजकल हर चीज कम्प्यू टराइज आ रही है तो यह पता ही नहीं चलता कि कहाँ से चालू करें. फिर हम दोनों बीयर पीते हुए मेकैनिक का इंतजार करते हैं.

** चूंकि मैं एक पुरूष हूं अतः जब मुझे जुकाम हो जाता है तो मैं बिस्तर पर कराहते हुए करवटें बदलते हुए चीखता चिल्लाता हूँ कि मुझे गर्म चिकन सूप चाहिए और मेरी चिंता कोई नहीं कर रहा. मैं जिस गंभीर तरीके से बीमार पड़ता हूँ उस तीव्रता से कोई भी बीमार नहीं पड़ता अतः मेरी समस्या कोई और कभी जान ही नहीं सकता.

** चूंकि मैं एक पुरूष हूँ, अतः घर या ऑफ़िस का कोई भी उपकरण खराब हो जाता है तो मैं उसे खोलकर ठीक करने लगता हूँ – पुराने अनुभवों के बावजूद कि मेरे द्वारा खोले गए उपकरणों को सुधारने के लिए मेकैनिक द्वारा दोगुना चार्ज वसूला जाता है.

** चूंकि मैं एक पुरूष हूँ, अतः टीवी देखते हुए टीवी का रिमोट कंट्रोल मेरे हाथों में ही होना चाहिए. यदि रिमोट कंट्रोल कहीं किसी कोने काने में दब कर मिल नहीं रहा होता है तो मेरा वो आवश्यक टीवी शो खत्म हो जाता है जिसकी मुझे तलाश होती है.

** चूंकि मैं एक पुरूष हूँ, अतः मैं नहीं समझता कि हम कहीं रास्ता भटक गए हैं और रुककर किसी से रास्ता पूछने की आवश्यकता है भी. क्या तुम किसी अजनबी, अपरिचित पर भरोसा करोगी? मेरा मतलब है उसे कैसे पता होगा कि हमें कहाँ जाना है.

** चूंकि मैं एक पुरूष हूँ, अतः यह बिलकुल जरूरी नहीं कि मैं किस समय क्या सोच रहा होता हूँ. उत्तर हमेशा ही या तो सेक्स होगा या कोई खेल. जब तुम कुछ पूछोगी तो मुझे मजबूरन उन मुद्दों से हटकर कुछ अलग सोचना होगा अतः अच्छा यही होगा कि मुझसे कुछ पूछो ही न.

** चूँकि मैं एक पुरूष हूं, मुझसे यह मत पूछो कि मुझे यह फिल्म कैसी लगी. अगर फिल्म के अंत में तुम्हारी आँखों में आँसू थे, तो बहुत संभव है कि उस फिल्म में मुझे बिलकुल मजा नहीं आया.

** चूंकि मैं एक पुरुष हूँ, मैं सोचता हूँ कि जो तुमने अभी पहना है वह बहुत अच्छा है. मेरे विचार में जो ड्रेस तुमने पाँच मिनट पहले पहना था वह भी बहुत अच्छा था. तुम्हारे जूतों के दोनों ही जोड़े अच्छे हैं - लेस सहित और लेस के बगैर भी अच्छे हैं. तुम्हारी हेयर स्टाइल भी बहुत अच्छी है. तुम बहुत अच्छी, खूबसूरत दिख रही हो. क्या अब चले चलें?

** चूंकि मैं एक पुरुष हूं, और वैसे भी यह इक्कीसवीं शती है, अतः घरेलूकार्य में मैं तुम्हारे साथ बराबर का हाथ बटाऊँगा. तुम कपड़े धोने, खाना बनाने, घर की साफ सफाई, गार्डनिंग, शॉपिंग के कार्य निपटाओगी बाकी का सारा काम में समाचार पत्र पढ़ते हुए निपटाऊँगा.
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Funny Jokes For Kids  # 007

गूगल आरती 

ओम् जय गूगल हरे !! स्वामी ओम् जय गूगल हरे!!
प्रोग्रामर्स के संकट, डेवलपेर्स के संकट क्षण में दूर करे!!
ओम् जय गूगल हरे !! जो ध्यावे वो पावे, दुख बिन से मन का,

स्वामी दुख बिन् से मन का!!
होमपेज की सम्पत्ति लावे, होमवर्क पूर्ण करावे!
कष्ट मिटे वर्षं का! स्वामी ओम जय गूगल हरे!!
तुम पूरन सर्च इंजिन तुम इंटरनेट यामी !
 स्वामी तुम इंटरनेट यामी!!
 पार करो हमारे पगार, पार करो हमारे साक्षात्कार!
तुम दुनिया के स्वामी!!
स्वामी ओम् जय गूगल हरे!
तुम जानकारी के सागर, तुम पालन कर्ता, स्वामी तुम पालन कर्ता!!
मैं मूरख खलकामी, मैं सर्चर तुम सर्वर, स्वामी तुम कर्ता धर्ता !!
स्वामी ओम् जय गूगल हरे!!
दीन बन्धु दुख हर्ता, तुम् रक्षक मेरे, स्वामी तुम ठाकुर् मेरे!!
अपनी सर्च दिखाओ, सारे रीसर्च कराओ, साइट पर खड़ा मैं तेरे!!
स्वामी ओम जय गूगल हरे!!
गूगल देवता की आरती जो कोई प्रोग्रामर गावे, स्वामी जो कोई भी प्रोग्रामर गावे, कहत सुन स्वामी, एम एस हरिहर स्वामी, मनवांछित फल पावे!!
स्वामी ओम जय गूगल हरे!! बोलो गूगल देवता की ------------- जय!
(किसी सच्चे गूगल भक्त द्वारा रोमन लिपि में लिखे गए, इंटरनेट पर बिचर रहे आरती का साभार, हिन्दी ट्रांसलिट्रेशन)
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Funny Jokes For Kids  # 008

सरप्राइज़ पार्टी

राज सारा दिन अपने व्यवसाय में व्यस्त रहता था.. रुपया कमाने के लिए आखीर मेहनत तो करनी ही होती है - वह अपनी बीवी से कहा करता था जिसे राज अकसर समय नहीं दे पाता था और इसी वजह से अकसर वह शाम और देर रात तक अपने क्लाएंटों में उलझा रहता था.

राज के जन्म दिन पर उसकी बीवी ने उसे बढ़िया, सरप्राइज़ पार्टी देने की सोची. बेचारा राज व्यवसायिक दायित्वों के चलते मौज मस्ती का भी समय जो नहीं निकाल पाता था. राज पूछता ही रहा कि कहां चल रहे हैं पार्टी के लिए मगर उसकी बीवी ने अंत तक नहीं बताया, जब तक कि वे पार्टी स्थल पर पहँच नहीं गए
उसकी बीवी ने एक बढ़िया, आलीशान, स्ट्रिपटीज़ डांसबार में उसके लिए पार्टी का आयोजन किया था.
डांसबार में प्रवेश के समय ही दरबान ने एक कड़क सैल्यूट, भरपूर मुस्कान के साथ - ठोंका ओर बोला - हैलो मिस्टर राज, आज मिज़ाज कैसे हैं आपके?
उसकी बीवी थोड़ी चकित सी हुई, पर उसने सोचा कि क्लाइंटों के साथ कभी आए होंगे यहाँ.
बार में ड्रिंक के बीच हलाकान होते उसके पति के पास एक बार बाला आई और अपनी बाहों को राज के गले में डाल कर बोली हाय हैंडसम, आज क्या बात है - मूड उखड़ा है?
जैसे तैसे राज ने उस बार बाला से जान छुड़ाया तो एक दूसरी बार बाला आई और उसके गाल चूमकर बोली – हाय डार्लिंग व्हाट अबाउट टुडे?
उसकी बीवी जो रोने – रोने को थी - अचानक सुबकियाँ लेते बाहर भागी. सामने स्टैंड पर जो टैक्सी दिखी उस पर सवार हुई और घर चलने को कहा. पीछे से राज भी दौड़ता हुआ आया और बगल में बैठकर उसे समझाने का प्रयत्न करने लगा. परंतु उसकी बीवी का रोना रुक ही नहीं रहा था.
इतने में टैक्सी ड्राइवर बोला - ऐसा लगता है मिस्टर राज, आज आपका पाला किसी मूडी लड़की से पड़ गया है.
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Funny Jokes For Kids  # 009

परिवार में सबकुछ

एक सभागार में अखंड रामायण का पाठ किया जा रहा था. शाम का समय था – श्रद्धालुओं की भीड़ लगी थी और सभागार में तिल रखने को जगह नहीं थी.

पाठ चल रहा था

सुनहु नाथ कह मुदित बिदेहू। ब्रह्म जीव इव सहज सनेहू।। 
पुनि पुनि प्रभुहि चितव नरनाहू। पुलक गात उर अधिक उछाहू।।

फ़िल्मी धुनों पर रामायण की पाठों के बीच अचानक एक घनघोर गर्जना हुई और एक चमत्कार हो गया.
एक राक्षस प्रकट हो गया था वहाँ. लपलपाती, आग उगलती जिव्हा और खून से सने उसके लंबे नुकीले दाँत उसे भयानक बना रहे थे.
सभागार में भगदड़ मच गई.
जिसे जैसी जगह दिखी भाग निकला. सेकेण्डों में सभागार खाली हो गया. पुजारी जिसके निर्देशन में पाठ किया जा रहा था, भागने वालों में प्रथम था.
परंतु एक व्यक्ति निर्विकार बैठा हुआ था.
राक्षस गरजते हुए उसके पास पहुंचा और पूछा - तुम जानते नहीं मैं कौन हूँ? उस व्यक्ति ने कहा – हाँ मैं जानता हूँ - तुम कुम्भीपाक नर्क के राक्षस हो.
राक्षस ने गरजते हुए, आग उगलते हुए फिर पूछा - तुम्हें मुझसे डर नहीं लगता?
उस व्यक्ति का जवाब था - नहीं, बिलकुल नहीं.
राक्षस का गुस्सा आसमान पर था - देवता भी तुम्हारी रक्षा नहीं कर पाएंगे मूर्ख! ये बता तुझे मेरा भय क्यों नहीं है?
उस व्यक्ति ने उसी शांति से जवाब दिया - मैं पिछले पच्चीस वर्षों से शादीशुदा हूँ.
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Funny Jokes For Kids  # 010

दूध का मर्तबान

उत्तर भारत में सोने से पहले दूध पीने की आदत बहुत लोगों में है. पति देवता क्लब से देर से लौटते थे. इसलिए उनके हिस्से का दूध उनकी पत्नी गिलास में सुरक्षित रख अपने हिस्से का दूध पी लेती थी अन्यथा वे साथ साथ पीते थे.
एक दिन पति महोदय को बहुत विलंब हो गया तो पत्नी अपना दूध का गिलास लेने आई और उसे पीने जा रही थी कि उसने देखा कि उनके पति के दूध के गिलास में बिल्ली भोग लगा रही है. जब तक वह उसे भगाती, गिलास खाली हो चुका था.
पतिपरायणा पत्नी ने स्वयं दूध नहीं पिया और अपना गिलास अपने पति के लिए सुरक्षित रख दिया.
पतिदेव घर आए तो उन्होंने पत्नी से पीने के लिए दूध का गिलास मांगा. उनके बीच का संवाद नीचे दोहे में पढ़ें :

तिय बोली पिय के कहत – “दूध कहाँ? दै देऊ।"
 “तुम्हरौ तौ बिल्ली पियौ, पिय! हमरौ पी लेऊ।।"
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Funny Jokes For Kids  # 011

होइहैं सोई

मथुरा के कलेक्टर रहे श्री ग्राउस पक्के रामायणी थे. एक बार उनकी अदालत में एक अपराधी लाया गया. जिरह के दौरान अपराधी ने यह सोचकर कि ग्राउस महोदय प्रसन्न होकर उन्हें मुक्त कर देंगे, यह चौपाई कहा -

होइहैं सोइ जो राम रचि राखा। 
को करि तर्क बढ़ावहि साखा।।

ग्राउस साहब ने उनकी चौपाई का जवाब कुछ यूं दिया -

कर्म प्रधान विश्व करि राखा। 
जो जस करसि सो तस फल चाखा।।
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Funny Jokes For Kids  # 012

असंगत हास्य

आगरा के साहित्यकार अमृत लाल चतुर्वेदी के पड़ोस में एक अनपढ़ व्यक्ति रहता था जो गाहे-बगाहे अपने परिवार के पत्रों को पढ़वाने के लिए उनके पास आता रहता था. उस अनपढ़ के परिवार का एक सदस्य झांसी में रहता था और थोड़ा पढ़ा लिखा था. उसे तुकबंदी की भयंकर आदत थी. पत्र भी वह तुकबंदी में ही लिखता था.
एक बार उसी व्यक्ति का लिखा पोस्टकार्ड लेकर वह अनपढ़ व्यक्ति पत्र पढ़वाने चतुर्वेदी जी के पास पहुँचा. पत्र में दोहा लिखा था -
सिद्धि श्री झांसी लिखी राम-राम प्रिय भ्रात। 
अत्र कुशलं तत्रास्तु, भैया मरि गए रात।।
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Funny Jokes For Kids  # 013

आदत से लाचार 

श्री नारायण चतुर्वेदी के एक कांग्रेसी मित्र ट्रेन से लखनऊ होकर कहीं जा रहे थे. सौजन्यता वश चतुर्वेदी जी ने स्टेशन पर कांग्रेसी मित्र से ट्रेन पर ही मुलाकात की और उन्हें लखनऊ के स्वादिष्ट खरबूजे भेंट किए. पत्रों से हालचाल लिखने के वादों के साथ विदा हुए.
कुछ दिन बाद उन कांग्रेसी मित्र का पत्र चतुर्वेदी जी के पास आया. पत्र में दोहा लिखा था -
खरबूजा तो खा गया, लिया न एक डकार। कांग्रेसी हूँ, क्या करूं? आदत से लाचार।।
(समस्त चुटकुले, साहित्यिक चुटकुले, लेखक श्रीनारायण चतुर्वेदी, प्रभात प्रकाशन चावड़ी बाजार दिल्ली से साभार)
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Funny Jokes For Kids  # 014

साहित्यिक SMS

सवाल: पता है कि निसार भाई कैसे पैदा हए? सवाल: नहीं न? (ठीक है, मैं बताती हूँ।)
जवाब: जवानी जानेमन, हसीन दिलरुबा मिले दो दिल जवाँ... निसार हो गया। (मूल शायर से क्षमा याचना सहित. यह एसएमएस रविकान्त ravikant at sarai dot net ने रचनाकार को अग्रेषित किया)
संता-बंता के कुछ चुटकुले
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Funny Jokes For Kids  # 015

प्लेटफ़ॉर्म पर रेल गाड़ी...

बंताजी प्लेटफार्म पर खड़े थे तभी ट्रेन आने की उद्घोषणा हई और वे रेल्वे ट्रैक पर कूद पड़े। उन्हें देखकर एक आदमी चिल्लाया-'सरदारजी क्या कर रहे हो मर जाओगे!
तो बंताजी बोले 'मरेगा तो तू! अभी-अभी सुना नहीं कि ट्रेन प्लेटफार्म पर आ रही है।
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Funny Jokes For Kids  # 016

 खुर्दबीन या दूरबीन..

बंता सिंह छत की पाँचवीं मंजिल पर खड़े थे। उन्हें लगा कि उनका दोस्त हजारा सिंह दूर से आ रहा है। उन्होंने आवाज लगाई 'हजारा सिंह इत्थे आ
हजारा सिंह के कान पर जूं भी न रेंगी। तभी संता सिंह आ गया उसने कहा 'ले पहले दूरबीन से तो देख कि वो हजारा सिंह है या नहीं
बंता सिंह ने दूरबीन से देखा तो वो हजारा सिंह ही था और था उनकी ऑख के बिल्कुल नजदीक। वे दूरबीन को हजारा सिंह के कान पर फोकस करके धीरे से फुसफुसाए 'हजारा सिंह इत्थे आ।
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Funny Jokes For Kids  # 017

एक बासी खबर...

एक दो सीटों वाला विमान आज कब्रिस्तान में गिर गया। स्थानीय सरदारों ने अब तक 500 शव प्राप्त किए हैं और बाकी की तलाश के लिए अभी भी खुदाई कर रहे हैं।
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Funny Jokes For Kids  # 018

ऐसा परिचय ...

एक सरदार पार्टी में अपने परिवार के साथ गए। अपने दोस्त से उन्होंने परिवार का परिचय इस तरह कराया-'मैं सरदार, ये सरदारनी, ये मेरा किड और ये किडनी।
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Funny Jokes For Kids  # 019

उत्तर

आखिरकार संता सरदार ने इस लाजवाब सवाल का जवाब पा ही लिया कि पहले मुर्गी आएगी या अंडा?
'ओ यार, गल्ल कर दे हो! जिसका आर्डर पहले दोगे वो आएगा।
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Funny Jokes For Kids  # 020

बारिश

बारिश पड़ने लगी थी। दो सरदार भीगते हुए जा रहे थे। संतोख सिंह ने कहा - सरदारजी, बारिश चालू हो गई है। छाता खोल लो।
भाई, कोई फायदा नहीं होगा। इसमें छेद ही छेद हैं।
तो इसे लेकर क्यों चले थे?
मुझे क्या पता था कि बारिश पड़ने लगेगी?
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Funny Jokes For Kids  # 021

 कैसा बुध्दू बनाया...

बंताजी एक इमारत की दो सौंवीं मंजिल पर खड़े थे तभी एक आदमी आया और कहने लगा-बड़ा गजब हुआ, आपका बेटा मर गया!
बंताजी बोले- क्या कहा? चलो-चलो जल्दी चलो।
नीचे आने पर वे जोर-जोर से हाँफने के साथ-साथ हँसने भी लगे। इस पर आदमी आश्चर्य से भर गया, उसने पूछा आपका बेटा मर गया और आप हँस रहे हैं?
बंताजी पेट पकड़ कर हँसते हुए बोले दो सौ माले उतार दिए और कैसा बुध्दू बनाया, मेरी तो अभी तक शादी ही नहीं हुई।
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Funny Jokes For Kids  # 022

 सरदारजी

दो सरदारजी गाना गा रहे थे, उनमें से एक सीधा खड़ा हुआ था और दूसरा शीर्षासन में खड़े होकर गाना गाए जा रहा था। एक व्यक्ति ने जब देखा तो रुककर पूछा क्यों भाई, इस तरह शीर्षासन में खड़े होकर ही क्यों गा रहे हो।

इस पर सिर के बल खड़े सरदार ने जवाब दिया "अरे, समझता नहीं है? ये साइड ए गा रहा है तो मैं साइड बी गा रहा हूँ।
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Funny Jokes For Kids  # 023

 पड़ोसी का बच्चा

संता सिंह अपने बेटे को बच्चागाड़ी में घुमा रहे थे जो मिलता वही पूछतासंता सिंह, अपने बेटे को घुमा रहे हो! इस सवाल से तंग आकर संता सिंह ने एक व्यक्ति को जवाब दिया, जी नहीं पड़ोसी का बच्चा है।
'तभी मैं कहूं कि इसकी शक्ल आपके पड़ोसी से इतनी क्यों मिल रही है।
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Funny Jokes For Kids  # 024

 उपन्यास

एक उपन्यासकार ने अपनी विद्वता का रौब झाडते हुए अपने दोस्त संता सिंह से कहा- उपन्यास लिखना कोई आसान काम नहीं है। पता है, एक उपन्यास लिखने में कभी-कभी मुझे एक साल लग जाता है।
इस पर उपन्यासकार का दोस्त संता सिंह हंसते हुए बेफिक्री से बोला- तुम बेकार में इतनी मेहनत करते हो यार। पता है पंद्रह रूपये में तो लिखालिखाया उपन्यास मिल जाता है।
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Funny Jokes For Kids  # 025

 नाश्ता

संता (बंता से)- क्या तुम बिना खाना खाए जीवित रह सकते हो?
बंता (संता से)- लेकिन, मैं रह सकता हूं।
संता (बंता से)- कैसे?
बंता (संता से)- नाश्ता करके।
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Funny Jokes For Kids  # 026

 श्रमदान

बंता (संता से)- तुम इतने दिनों तक कहां थे?
संता (बंता से) - मैं श्रमदान करने गया था।
बंता (संता से)- मैं समझा नहीं।
संता (बंता से)- दरअसल मुझे छह महीने का सश्रम कारावास मिला था।
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Funny Jokes For Kids  # 027

 संता सिंह का ट्रक

संता सिंह एक बार ट्रक लेकर कहीं जा रहे थे। रास्ते में उनका ट्रक खराब हो गया। संता ने ट्रक ले जाने के लिए एक दूसरे ट्रक की व्यवस्था की और अपने ट्रक को खींचकर गैराज ले जाने लगे। रास्ते में एक ढाबे पर बंता सिंह दिखाई दिए। बंता, संता सिंह को ट्रक ले आते देख जोर-जोर से हंसने लगा। संताने गुस्से में पूछा, अबे कभी तूने ट्रक नहीं देखा क्या?
ट्रक तो देखा है, लेकिन ऐसा पहली बार देखा है कि दो ट्रक मिलकर एक रस्सी को ले जा रहे हैं। बंता ने जवाब दिया।
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Funny Jokes For Kids  # 028

 आबादी

संता सिंह (प्रीतो से)- जानती हो, जितनी देर में मैं एक सांस लेता हूं, उतनी देर में देश में एक नया बच्चा जन्म लेता है।
प्रीतो (आश्चर्य से)- हाय राम, तब तुम अपनी यह हरकत छोड़ क्यों नहीं देते? देश की आबादी पहले से ही इतनी बढी हुई है।
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Funny Jokes For Kids  # 029

 ग्रामोफोन

संता (प्रेमिका से)- तुम्हें संगीत का शौक है?
प्रेमिका (संता से)- हां।
संता (प्रेमिका से)- कौन-सा वाद्ययंत्र बजाती हो?
प्रेमिका (संता से)- ग्रामोफोन।
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Funny Jokes For Kids  # 030

 दूरबीन

संता ट्रेन से कहीं जा रहा थे। उसके हाथ में एक दूरबीन थी। वह खिड़की से लगातार बाहर तो झोंक रहा था लेकिन दूरबीन कभी नहीं लगाता था। उसके साथ के एक यात्री ने पूछा कि भाई साहब, यह दूरबीन किस काम की है? संता सिंह ने कहा कि इससे दूर की चीजें देखी जाती हैं।
यात्री को बड़ी उत्सुकता हुई। उसने पूछा कि आप यह दूरबीन क्यों लिए हुए
दरअसल मैं अपने एक दूर के रिश्तेदार को देखने जा रहा हूं।
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Funny Jokes For Kids  # 031

 खरगोश के जोड़

टीचर : खरगोश के दो जोड़ और दो जोड़ और दो जोड़ मिलाकर कितने हए।
संता : सात।
टीचर : ठीक से सुनो, खरगोश के दो जोड़ और दो जोड़ और दो जोड़ मिलाकर कितने हुए।
संता : सात।
टीचर : अच्छा। बियर की बॉटल के दो जोड़ और दो जोड़ और दो जोड़ मिलाकर कितने हुए।
संता : छह।
टीचर : तो फिर खरगोश के तीन जोड़ मिलाकर छह क्यों नहीं हुए?
संता : क्योंकि एक खरगोश पहले से ही मेरे पास है।
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Funny Jokes For Kids  # 032

पंजाबी टेलीफोन

हिन्दोस्तान से ताजा-ताजा विलायत एक पंजाबी जाट लंदन के एक रेस्टोरेंट में वेटर की नौकरी पर लगा। वहां उसे काम करते कुछ ही दिन हुए थे कि एक रोज मैनेजर ने उसे अपने ऑफिस में बुलाया और बताया कि पंजाब से उसके भाई का फोन था। वेटर ने फोन रिसीव किया और काफी देर टूटी-फूटी अंग्रेजी में अपने भाई से बात करता रहा। आखिरकार उसने फोन रखा तो मैनेजर ने उससे पूछा - अपने भाई से अंग्रेजी में बात क्यों की? अपनी जुबान में क्यों नहीं की?
साहब जी - वेटर हकबकाया-सा बोला - अब मुझे क्या मालूम था कि आपका टेलीफोन पंजाबी भी बोलता है।
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Funny Jokes For Kids  # 033

 पोती मर गई

एक सरदारजी एक 25 मंजिला भवन की छत पर बैठे थे, तभी एक आदमी हांफता हुआ आया और कहने लगा कि संतासिंह आपकी पोती मर गई। सरदारजी ये खबर सुनकर बहुत हताश हो जाते हैं और बिल्डिंग से कूद पड़ते हैं। जब वो 20वीं मंजिल तक पहुंचते हैं तो उन्हें ख्याल आता है कि उनकी तो कोई पोती ही नहीं है। 10वीं मंजिल आने पर ध्यान आता है कि उनकी तो शादी ही नहीं हुई है और जैसे ही जमीन पर गिरने वाले होते हैं कि ख्याल आता है कि उनका नाम तो संतासिंह है ही नहीं।
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Funny Jokes For Kids  # 034

 निर्जन टापू

संतासिंह, उनका एक जापानी मित्र और एक ब्रिटिश घूमते हुए निर्जन टापू पर पहुंच जाते हैं। चलतेचलते उन्हें एक चिराग मिलता है। जापानी चिराग को घिसता है तो उसमें से एक जिन्न बाहर आता है। जिन्न कहता है कि मैं आप तीनों की एक-एक इच्छा पूरी करूंगा।
जापानी कहता है कि मैं अपने घर वापस जाना चाहता हूं। जिन्न हाथ घुमाता है और वो घर पहुंच जाता है। ब्रिटिश भी अपने घर जाने की इच्छा रखता है और वह भी घर पहुंच जाता है। संतासिंहजी सोच में पड़ जाते हैं और अपनी इच्छा बताते हुए कहते हैं कि भई, उन दोनों के जाने से मैं तो अकेला पड़ गया, तुम ऐसा करो उन दोनों को वापस बुला लो। जिन्न हाथ घुमाता है और वो दोनों वापस आ जाते हैं।
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Funny Jokes For Kids  # 035

 उल्लू बनाया

संतासिंह और बंतासिंह दोनों बहुत बड़े दुश्मन थे। ये दोनों एक ही बिल्डिंग में रहते थे। बंतासिंह सातवें माले पर रहता था और संतासिंह पहले। एक बार बिल्डिंग की लिफ्ट खराब हो गई। बंतासिंह ने सोचा कि आज संता को सबक सिखाया जाए। उसने संतासिंह को फोन करके खाने पर बुलाया। बेचारा संतासिंह जैसे-तैसे सातवें माले पर पहुंचा और वहां जाकर देखा कि दरवाजे पर ताला लगा है और लिखा था कि कैसा उल्लू बनाया। संतासिंह को ये देखकर बहुत गुस्सा आया। उसने उस नोट के नीचे लिखा- मैं तो यहां आया ही नहीं था।
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Funny Jokes For Kids  # 036

एक मच्छर

एक रात को संतासिंह सो रहे थे कि एक मच्छर उनके कान के पास आया और गुनगुन करने लगा। इससे संतासिंह की नींद खुल गई। फिर जैसे ही वो सोने की कोशिश करते मच्छर उनके कान के पास आवाज करने लगता। संतासिंह को बहुत गुस्सा आया और उन्होंने मच्छर को पकड़ लिया। मच्छर मर गया लेकिन उसमें से खून नहीं निकला। संतासिंह बोले- सो जा मच्छर बेटे, सो जा।
थोडी देर बाद उन्हें लगा कि मच्छर गहरी नींद में सो चुका है तो वे उसके पास गए और उसके कान के पास जाकर बोले- गुननननन-गुनननन।
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Funny Jokes For Kids  # 037

समझदार संतासिंह

एक द्वीप पर तीन आदमी फंसे हुए थे। उनमें एक मुस्लिम था, एक हिंदू और संतासिंह । तीनों इसी सोच में थे कि 100 मील तक तैरकर घर तक कैसे पहुंचा जाए। मुस्लिम ने हिम्मत दिखाई और तैरता हुआ 50 मील का रास्ता पार कर लिया। लेकिन थकने के कारण वो डूब गया। अब हिंदू ने सोचा कि चलो एक बार कोशिश करके देख लूं। वो भी करीब 75 मील तक तैरकर डूब गया। दोनों के जाने के बाद संतासिंह बच गए। उन्होंने सोचा अब मैं अकेला यहां क्या करूंगा मैं भी हिम्मत कर ही लूं।
ये सोचकर उन्होंने पानी में छलांग लगा दी। 50 मील तैरने के बाद उन्हें लगा कि अब मैं थक गया हूं आगे बढूंगा तोडूब जाऊंगा ये सोचकर संतासिंह वापस द्वीप पर चले गए।
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Funny Jokes For Kids  # 038

 लॉटरी

एक बार संतासिंह को 20 लाख की लॉटरी खुली। संतासिंह पैसे लेने लॉटरी वाले के पास गए। नंबर मिलाने के बाद लॉटरी वाले ने कहा कि ठीक है सर हम आपको अभी 1 लाख रुपए देंगे और बाकी के 19 लाख आप अगले 19 हफ्तों तक ले सकते हैं।
संतासिंह बोले- नहीं मुझे तो अपने पूरे पैसे अभी ही चाहिए नहीं तो आप मेरे 5 रुपए वापस कर दीजिए।
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Funny Jokes For Kids  # 039

 अस्पताल

संता- मैं दुनिया के सारे अस्पतालों में होकर आ चुका हूं।
बंता- नहीं, तुम अभी तक एक अस्पताल में होकर नहीं आए होगे।
संता- हो ही नहीं सकता, तुम उस अस्पताल का नाम बताओ।
बंता- जनाना अस्पताल।
संता- अरे यार, वहां तो मैं पैदा ही हुआ था।
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Funny Jokes For Kids  # 040

 मृत्यु दर

संता- अपने देश में मृत्यु की औसत दर क्या है?
बंता- शत-प्रतिशत।
संता- वह कैसे?
बंता- अपने देश में जो व्यक्ति पैदा होता है अंत में वह मर जाता है।
संता- तो फिर दुनिया की औसत मृत्यु दर क्या है?
बंता- छोड़ यार! मुझे केवल अपने देश की ही पता है।
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Funny Jokes For Kids  # 041

पहनने के लिए कपड़े

संता- मेरी पत्नी रोज शिकायत करती है कि उसके पास घर में पहनने के लिए कपड़े नहीं है।
बंता- तो तुमने उसे कपड़े दिलवा दिए।
संता- नहीं, मैंने घर की खिडकियों पर कपड़े लगवा दिए।
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Funny Jokes For Kids  # 042

 छतरी में छेद

संता सिंह (बंता सिंह से)- तुम्हारी छतरी में तो छेद है।
बंता सिंह - हां, पता है। और इसे मैंने ही किया है।
संता सिंह- लेकिन क्यों?
संता सिंह- अरे यार, जब बारिश बंद होती है तो पता चल जाता है ना।
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Funny Jokes For Kids  # 043

पांच साल की सजा

संता- हमारा नॉनी कल आ रहा है।
बंता- कल आ रहा है। लेकिन उसे तो पांच साल की सजा हुई थी।
संता- हां, लेकिन उसके अच्छे व्यवहार के कारण उसकी सजा का एक साल माफ कर दिया गया है।
बंता-ओह, रब ऐसी औलाद सबको दे।
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Funny Jokes For Kids  # 044

 परेशानी

संता (बंता से) : बड़ी परेशानी है।
बंता : क्या परेशानी है?
संता: यार, जब भी मैं सोकर उठता हं, मुझे ऐसा लगता है कि सब कुछ घूम रहा
है।
बंता : इतनी सी बात, एक काम किया कर, तू उठकर सो जाया कर।
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Funny Jokes For Kids  # 045

 कम्प्यूटर विज्ञान

संता : हमारे ऑफिस में कम्प्यूटर का डास से यूनिक्स में स्थानान्तरण नहीं हो रहा
बंता : शिफ्ट की का प्रयोग करके देखो।
संता : आप इन्टरनेट से किसी का भविष्य कैसे बता सकते है?
बंता : जो दस घंटे इन्टरनेट को देगा उसका भविष्य निश्चय ही अन्धकारमय है।
संता : हर टी वी के अन्दर कितनी वेबसाइट्स आ सकती है?
बंता : एक भी नहीं, क्यों कि वे सभी कम्प्यूटर के अन्दर आती है।
संता : मैं आज दस ई-मेल भेजने वाला हूं।
बंता : ठीक है, मैं उन्हें पोस्ट बाक्स में डाल आऊंगा।
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Funny Jokes For Kids  # 046

 कम्प्यूटरी ज्ञान

संता : मैं हार्डवेअर इंजीनियर हूं।
बंता : ये कहो न कि तुम कम्प्यूटर के मैकेनिक हो। संता : इन्टरनेट दुनियाभर के कम्प्यूटरों को एक-दूसरे से जोड़ता है।
बंता : अच्छा! लेकिन मुझे तो कहीं पर तार नजर नहीं आते।
संता : आदमी कम्प्यूटर का दीवाना क्यों होता है?
बंता : कन्ट्रोल की के कारण।
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Funny Jokes For Kids  # 047

छूत की बीमारी

संता (बंता से): तुमने सुना, मिसेज शर्मा की जुबान कल अचानक बंद हो गई।
बंता : मैं अभी अपनी पत्नी को उन्हें देखने के लिए भेजता हूं।
संता : क्या वे उनकी सहेली या रिश्तेदार हैं।
बंता : नहीं, लेकिन सोचता हूं। यदि यह छूत की बीमारी निकली तो मेरी आजादी का दिन नजदीक है।
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Funny Jokes For Kids  # 048

 हंसने की सजा

संता- "क्यों मित्र, तुम्हारे दांत कैसे टूट गए?
बंता- हंसने के कारण।
संता- "हंसने के कारण?
बंता- "हां यार, कल मैं एक पहलवान को देखकर हंस पड़ा था।
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Funny Jokes For Kids  # 049

 मनोविज्ञान!

संता सिंह को मनोविज्ञान पढ़ने की सूझी। वह उसी में डूब गए। एक दिन उनका एक मित्र मिला। संता सिंह ने उससे कहा, मैंने सुना था कि तुम्हारा देहांत हो गया है। मित्र ने कहा, लेकिन मैं तो तुम्हारे सामने जीवित खड़ा हूं। 'असंभव। जिसने मुझे यह बताया था, वह तुम्हारी तुलना में ज्यादा भरोसेमंद था। संता सिंह ने मनोविज्ञान बघारा।
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Funny Jokes For Kids  # 050

 बोलती...

भविष्यफल पढ़ते हुए विकास ने सत्यजीत से पूछा- तुम्हारा क्या विचार है, इस भविष्यफल के बारे में? सत्यजीत- मैंने पिछले हफ्ते पढ़ा था कि इस माह आपके साथ ऐसी कुछ घटना होगी, जिससे आपकी बोलती बंद हो जाएगी। विकास- तो क्या फिर वैसी कोई घटना हुई? सत्यजीत- हाँ, मेरा मोबाइल गुम गया।
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